क्या आप उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें हॉरर मूवीज देखना पसंद है। या फिर उनमें से जो डरावनी फिल्मों को अकेले बैठ कर देखना पसंद करते हैं। अगर हां, तो ये समझ लीजिए कि ये खबर सिर्फ आपके लिए ही है। हॉरर मूवीज देखना एक तरह का सीरियस फन होता है। और वो भी ऐसा फन, जिसका मजा सभी लेना चाहते हैं। लेकिन अब आप ये सोचिए कि अब तक आपने कितनी हॉरर मूवीज देखी हैं और जो भी देखी हैं, क्या वो सचमुच डरावनी थीं? जब डरावनी फिल्मों की बात आती है तो बॉलीवुड ट्रैक पर नजर आता है, आइए एक नजर ऐसी ही फिल्मों पर डालते हैं।

‘महल’ (1949)

“महल” बॉलीवुड की पहली डरावनी फिल्म मानी जाती है. ये फिल्म सालों तक दर्शकों को डराती रही.

‘बीस साल बाद’ (1962)

ये फिल्म “The Hound Of Baskerville”, पर आधारित थी

‘कोहरा’ (1964)

1938 के नोवेल ‘रेबेका’ पर बनी इस फिल्म में कई खौफनाक दृश्य हैं. इसका क्लाइमेक्स बेहद शानदार है.

‘रात’ (1992)

राम गोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित ये एक सुपरनैचुरल थ्रिलर थी जो अब एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है.

‘राज’ (2002)

“राज” जिस फिल्म से इंस्पायर्ड थी उसका नाम “What Lies Beneath” था. इसमें बिपाशा बसु और डीनो मोरिया ने लीड रोल प्ले किया था.

‘भूत’ (2003)

जब एक शादीशुदा कपल एक फ्लैट में जाता है जो हॉन्टेड होता है तो कई ऐसी चीजें घटित होती हैं जिससे पत्नी पागल जैसी हो जाती है. भूत फिल्म राम गोपाल वर्मा के बेहतरीन कामों में से है.

‘डरना मना है’ (2003)

ये काम सिर्फ राम गोपाल वर्मा ही कर सकते हैं. डायरेक्टर ने फिल्म में 6 शॉर्ट स्टोरीज को एक किया.

‘1920’ (2008)

ये फिल्म आर्टिस्टिक भी है, और गारंटी से यह डरावना अनुभव देकर जाती है.

‘फूंक’ (2008)

“फूंक” राम गोपाल वर्मा द्वारा बनाई गई एक और हॉरर फिल्म है. राम गोपाल वर्मा ने इस फिल्म को थिएटर में बिना डरे अकेले देखने वाले शख्स को 5 लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की थी.

13 बी’ (2009)

“13 बी”, अच्छी स्क्रिप्ट और टैलेंटेड कलाकारों के साथ बनाई गई फिल्म थी. इस फिल्म में मनोहर (आर माधवन) और उनका परिवार एक बिल्डिंग के 13वें फ्लोर पर शिफ्ट होता है. माधवन और उनका परिवार एक सीरियल पसंद करने लगता है. बाद में उन्हें पता चलता है कि उनके जीवन में जो कुछ घटित हो रहा है, वह उस सीरियल से बिल्कुल मेल खाता है.

‘शापित’ (2010)

इसे विक्रम भट्ट ने निर्देशित किया था. इसमें अमान और काया एक दूसरे से प्रेम करते हैं लेकिन एक श्राप की वजह से काया शादी नहीं कर सकती. इसके लिए परिवार एक गुरू की मदद लेता है.

‘रागिनी MMS’ (2011)

अमेरिकन सुपरनैचरल हॉरर “Paranormal Activity”, से प्रेरित ये फिल्म एक सच्ची कहानी थी.

‘राज 3’ (2012)

इस फिल्म में बिपाशा ने एक बार फिर छाप छोड़ी

‘भूत रिटर्न्स’ (2012)

“भूत रिटर्न्स” 2003 की हिट फिल्म भूत का सीक्वल थी.

‘हॉरर स्टोरी’ (2013)

ये फिल्म एक ऐसे यंगस्टर ग्रुप की कहानी थी जो एक हॉन्टेड होटल में रात गुजारने का फैसला करते हैं.

‘एक थी डायन’ (2013)

“एक थी डायन” में इमरान हाशमी लीड रोल में थे

‘आत्मा’ (2013)

इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी और बिपाशा बसु लीड रोल में थे.

‘रागिनी MMS 2’ (2014)

एक फिल्म क्रू मुंबई के बाहरी हिस्से में इरोटिक फिल्म शूट करने जाता है, ये फिल्म इसी पर आधारित है.

‘6-5=2’ (2014)

ये एक सच घटना पर आधारित फिल्म थी.

‘मछली जल की रानी है’ (2014)

हॉन्टेड गेस्ट हाउस में एक कपल की कहानी

‘एलोन’ (2015)

इसमें भी एक बार फिर बिपाशा नजर आईं.

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