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अलाउद्दीन खिलजी के बारे में ये रोमांचित बातें जानने के बाद आप पद्मावती फिल्म देखने जरूर जाएंगे।

अलाउद्दीन खिलजी के बारे में ये रोमांचित बातें जानने के बाद आप पद्मावती फिल्म देखने जरूर जाएंगे।

Oct 11, 2017 @ 05:35 AM By Nidhi Sharma

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संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावती खूब सुर्खियों में आने के बाद कल इस फिल्म का ट्रेलर आ चूका है,ट्रेलर में दीपिका,रणवीर सिंह और शहीद कपूर की धमाकेदार एक्टिंग ने दर्शको के दिलो में इस फिल्मो को देखने के लिए उत्सुकता और बढ़ा दी है।ये फिल्म चित्तौड़ के रानी पद्मिनी के इर्द-गिर्द घूमती कहानी पर आधारित है।जो हमारे इतिहास की सबसे लोकप्रिय कहानी में से एक है।ये फिल्म जल्द ही सिनीमेघरो में आने वाली है,जिसका दर्शको को लम्बे अरसे से इंतजार था।इस फिल्म में आपको अलाउद्दीन खिलजी के रोल में बॉलीवुड माचो मेन रणवीर सिंह नजर आएंगे,जिन्हे इस अंदाज़ में खूब पसंद किया जा रहा है।अब दर्शक जल्द से रिलीजिंग डेट का इंतजार कर रहे है,लेकिन आपको इससे पहले एक बात बताना चाहती हूँ,जिसके बाद आपको इस फिल्म को देखने की दिलचस्पी और बढ़ जाएगी।इस लेख के माध्यम से हम आपको अलाउद्दीन खिलजी के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे है,जो इससे पहले आपने कभी नहीं सुनी होंगी।आइए जानते है इनके जिंदगी से जुडी कुछ रोमांचित बातें।

1) चाचा और ससुर की हत्या कर बने सुल्तान

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अलाउदीन खिलजी बहुत ही मास्टरमइंड तरीके के इंसान थे,उन्होंने सिहांसन पर बैठने के लिए अपने ही चाचा और ससुर जलाल-उद-दीन खिलजी की हत्या कर दी थी,और उसके बाद वह सुल्तान के रूप में दिल्ली के सिहांसन पर बैठा था,जिसके बाद उन्होंने1296 से 1316 तक के अंतराल तक शासन किया। बता दे खिलजी को ‘द सेकेंड अलेक्जेंडर’ के रूप में जाना जाता था और उन्हें ‘सिकंदर-ए-सानी’ का खिताब भी मिला था।

2) अलाउदीन ने कई राज्यों पर बढ़िया शासक चलाया

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जैसे की हम सभी जानते है अलाउदीन में बहुत सी खामिया थी लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने कई राज्यों पर अपना शासन बहुत ही अच्छे से चलाया,जैसे मेवाड़, गुजरात, रणथम्बोर, जालोर, मबर, वारंगल,रणथम्बोर,मदुरै और मालवा को जीतकर अपने राज्य का विस्तार किया। उन्होंने कई दफा मोगल को भी हराया था।

3) लड़ाई के पीछे का कारण रानी पद्मिनी थी।

अलाउदीन ने चित्तोड़ की रानी पद्मिनी और उनके राज्यों को जीतने का निर्णय लिया,जिसकी वजह से उन्होंने चित्तोड़ के राजा राणा रावल रतन सिंह के साथ अपनी दोस्ती बढ़ा दी थी,और फिर उन्होंने रानी पद्मिनी और उनका राज्य जीत लिया था।

4) महिलाओ और पुरुषो दोनों की तरफ था उनका आकर्षण

अलाउदीन सिर्फ महिलाओ के प्रति ही नहीं बल्कि पुरुषो के प्रति भी आकर्षित थे,जिसका अंदाज़ा तब हुआ जब वह मलिक काफुर नाम के एक गुलाम से बाजार में मिले थे और वहां उन्हें उससे प्यार हो गया था,जिसके बाद दोनों को अक्सर कई जगह पर देखा जाता था।

5) अलाउदीन का दास बनना महारानी को हरगिज़ मंजूर न था।

महारनी पद्मिनी और उनके साथ रह रही अन्य महिलाओ को अलाउदीन का का दास बनना बिलकुल मंजूर नहीं था,उन्हें नौकर बनने से अच्छा जौहर लगा,और उन्होंने खुद को त्याग कर दिया।जिसके बाद कई दिनों तक अलाउदीन को उन औरतो की चीखो ने चैन से जीने नहीं दिया।और वह कई रातो तक सोने की जगह इधर-उधर भटकते रहे।

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